द ज्यू ऑफ़ माल्टा: क्रिस्टोफर मार्लो की एक महान ट्रेजेडी

द ज्यू ऑफ़ माल्टा: क्रिस्टोफर मार्लो की एक महान ट्रेजेडी

क्रिस्टोफर मार्लो का नाटक द ज्यू ऑफ़ माल्टा एक निराशावादी नाटक है जो इंसान की बुराई की गहराई को दिखाता है। यह बदला, लालच, धार्मिक पाखंड और सत्ता की बेरहम चाहत के बारे में है। माल्टा द्वीप पर आधारित यह नाटक बाराबास नाम के एक अमीर यहूदी व्यापारी के पतन की कहानी है।

नाटक की शुरुआत माल्टा में होती है। माल्टा के गवर्नर, फर्नेज़ के सामने एक समस्या है। तुर्की की सेना इस ईसाई गवर्नर से एक बड़ी रकम की मांग करती है। यह रकम चुकाने के लिए, फर्नेज़ द्वीप पर रहने वाले सभी यहूदी लोगों की आधी जायदाद ज़ब्त करने का फैसला करता है।

माल्टा का रहने वाला बाराबास एक बहुत अमीर यहूदी व्यापारी है। उसके पास जहाज़, सोना और खज़ाना है। वह अपने पैसे से बहुत ज़्यादा प्यार करता है। उसे अपनी दौलत पर बहुत घमंड है। वह पैसे देने से मना कर देता है। वह इस गलत कानून का विरोध करता है। इस पर फर्नेज़ बहुत गुस्सा हो जाता है। वह बाराबास की सारी संपत्ति ज़ब्त कर लेता है। वह उसके घर को एक ननरी में बदल देता है। बाराबास के पास कुछ नहीं बचता। उसे धोखा महसूस होता है और वह बदला लेने की कसम खाता है। वह उन ईसाइयों के खिलाफ गुस्सा से भर जाता है जिन्होंने उसे बर्बाद कर दिया है।

बाराबास के पुराने घर के फर्श के नीचे सोने और गहनों का एक गुप्त खजाना है। वह चालाकी से अपने पुराने घर से वह छिपा हुआ खजाना निकाल लेता है। बाराबास की एक बेटी है जिसका नाम एबिगेल है। वह अब भी उससे प्यार करता है। वह उससे एक नन होने का नाटक करने के लिए कहता है, ताकि वह चुपके से घर में छिपा हुआ उसका कुछ सोना वापस ला सके। एबिगेल बात मानती है और सोना वापस ले आती है। अपनी दौलत वापस मिलने के बाद, बाराबास इथामोर नाम का एक तुर्की गुलाम खरीदता है, जो ईसाइयों से उतनी ही नफरत करता है जितनी वह करता है। साथ मिलकर, वे उन ईसाइयों के खिलाफ क्रूर योजनाएँ बनाना शुरू करते हैं जिन्होंने उनके साथ गलत किया था। इथामोर की मदद से बाराबास अपने दुश्मनों के खिलाफ एक जानलेवा साजिश शुरू करता है। वह अपने मकसद के लिए चालें, ज़हर और झूठ का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।

इस बीच एबिगेल को मथायस नाम के एक ईसाई से प्यार हो जाता है। फर्नेज़ का बेटा लोडोविक उसका जिगरी दोस्त है। लोडोविक भी एबिगेल की खूबसूरती पर मोहित हो जाता है। वह एबिगेल का हाथ मांगने के लिए बाराबास के पास जाता है। वह इस बात से अनजान है कि बाराबास उसके पिता से बेहद नफरत करता है। अब बाराबास और भी हिंसक हो जाता है। वह उनके प्यार का फायदा उठाता है। बाराबास इन दोनों नौजवानों को जलन की आग में झोंक देता है। वह उनके बीच एक द्वंद्व युद्ध करवाता है। उस द्वंद्व युद्ध में वे एक-दूसरे को मार डालते हैं। बाराबास अपने इस खेल पर बहुत खुश है।

जब एबिगेल को अपने पिता के इस कृत्य का पता चलता है तो उसे अपने पिता से घृणाहो जता है। उसका दिल टूट जाता है। वह सच में नन बन जाती है और अब अपने पिता की मदद करने से मना कर देती है। इस पर बाराबास आगबबुला हो जाता है। उसके धोखे से गुस्सा होकर बाराबास ननरी में ज़हर वाले चावल का एक बर्तन भेजता है। ज़हर वाले चावल के सेवन से उसकी अपनी बेटी समेत सभी ननें मर जाती हैं।

इलाके के पादरियों को एहसास होता है कि इन मौतों के पीछे बाराबास का हाथ है। उन्हें चुप कराने के लिए बाराबास और इथामोर एक पादरी का गला घोंट देते हैं और दूसरे को हत्या के जुर्म में फंसा देते हैं। दूसरे पादरी को उस जुर्म के लिए फाँसी दे दी जाती है जो उसने किया ही नहीं था। बाराबास की साज़िशें और भी ज़्यादा जटिल होती जाती हैं। वह और उसका गुलाम, इथामोर, एक खूनी टीम बन जाते हैं। इसी बीच इथामोर को एक लालची वेश्या, बेलामीरा, से प्यार हो जाता है। अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वह बाराबास को ब्लैकमेल करना शुरू कर देती है। वह उसे धमकी देती रहती है कि अगर वह उन्हें सोना नहीं देगा तो वह उसके अपराधों का खुलासा कर देगी। उन्हें रोकने के लिए बाराबास एक फ्रांसीसी संगीतकार का वेश बनाता है और ज़हर वाले फूल का इस्तेमाल करके ब्लैकमेल करने वालों और इथामोर को मार देता है।

भ्रष्ट गवर्नर फर्नेज़ तुर्कों को धोखा देता है। गुस्से में वे माल्टा पर हमला कर देते हैं। बाराबास मौका देखकर तुर्कों से हाथ मिला लेता है और माल्टा को जीतने में उनकी मदद करता है। तुर्क माल्टा पर कब्ज़ा कर लेते हैं और बाराबास को नया गवर्नर बना कर पुरस्कृत करते हैं। लेकिन बाराबास जानता है कि उसकी सत्ता स्थिर नहीं है। अतः वह फिर से पाला बदलने का फैसला करता है और पुराने गवर्नर फर्नेज़ को बड़ी रकम के बदले तुर्की नेताओं को खत्म करने का ऑफर देता है।

वह तुर्कों और माल्टीज़ दोनों को मारने के लिए जाल बिछाता है। वह अपने घर में तुर्की नेता कैलीमेट और माल्टा के पूर्व गवर्नर फर्नेज़ को फंसाने के लिए एक बड़ा उबलता हुआ कड़ाहा तैयार करता है। वह एक दावत के दौरान उन्हें उसमें गिराने की योजना बनाता है। परन्तु फर्नेज़ बाराबास की योजना को समझ जाता है और बाराबास उसके ही उबलते हुए कड़ाहे में गिरा देता है। वह जिंदा उबल जाता है। मरते समय वह ईसाइयों को कोसता है। ईसाई माल्टा पर फिर से कब्ज़ा कर लेते हैं। बाराबास अपनी ही चालों से बर्बाद हो जाता है। संक्षेप में, यह लालच, बदला और आत्म-विनाश की कहानी है।

बाराबास का किरदार बदले की भावना का एक यादगार उदाहरण है। वह बेशक बुरा है। बदले के लिए उसकी हिंसक कोशिश उस अन्याय और लालच का जवाब है जिसका उसे सामना करना पड़ता है। यह नाटक बताता है कि वह ऐसी दुनिया का नतीजा है जो पैसे और ताकत को सबसे ज़्यादा अहमियत देती है। साथ ही, यह नाटक ईसाई और तुर्की किरदारों के पाखंड और भ्रष्टाचार को भी दिखाता है।

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