विलियम कॉन्ग्रेव: एक महान नाटककार

विलियम कॉन्ग्रेव: एक महान नाटककार

विलियम कॉन्ग्रेव इंग्लैंड में पुनर्स्थापना युग के एक बेहद लोकप्रिय नाटककार हैं। उनका जन्म 1670 में यॉर्कशायर के बार्डसे में हुआ था। उन्हें उनके कॉमेडी ऑफ़ मैनर्स के लिए पूरी दुनिया में सराहा जाता है। उन्होंने ही अपने शानदार हास्य संवादों और अपने युग के दिखावटीपन की व्यंग्यात्मक पड़ताल के माध्यम से कॉमेडी ऑफ़ मैनर्स को आकार दिया। उनके कॉमेडी ऑफ़ मैनर्स 17वीं सदी के अंत और 18वीं सदी के आरंभ में उच्च वर्ग की सामाजिक परंपराओं और तौर-तरीकों पर व्यंग्य करते हैं।
कॉन्ग्रेव ने डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद उन्होंने लंदन के मिडिल टेम्पल में कानून की पढ़ाई की। हालाँकि, उन्होंने जल्द ही साहित्य में करियर बनाने के लिए अपनी कानूनी पढ़ाई छोड़ दी।
कॉन्ग्रेव के प्रमुख नाटक द ओल्ड बैचलर (1693), द डबल-डीलर (1693), लव फॉर लव (1695) और द वे ऑफ द वर्ल्ड (1700) हैं। कॉन्ग्रेव के नाटक अपने समय में प्रभावशाली थे। इन नाटकों ने कॉमेडी ऑफ़ मैनर्स की शैली को आकार देने में मदद की। उनका पहला नाटक, द ओल्ड बैचलर, 1693 में मंचित हुआ था। यह उनके लिए एक बड़ी सफलता थी। थिएटर रॉयल, ड्र्यूरी लेन में इस नाटक के मंचन से कॉन्ग्रेव को अचानक प्रसिद्धि मिली। इस नाटक ने उन्हें अपने समय के एक प्रमुख नाटककार के रूप में स्थापित किया। उनके अगले नाटक, द डबल-डीलर को उतनी सराहना नहीं मिली। लेकिन लव फॉर लव ने उनके पहले नाटक की सफलता को लगभग दोहराया।
कॉन्ग्रेव का सबसे प्रसिद्ध नाटक द वे ऑफ द वर्ल्ड है। यह कॉन्ग्रेव की उत्कृष्ट कृति है यह नाटक उच्च वर्ग के सतहीपन और भौतिकवाद पर व्यंग्य करता है। यह प्रेम, विवाह और सामाजिक स्थिति जैसे विषयों की खूबसूरती से पड़ताल करता है।
कॉन्ग्रेव का 1729 में लंदन में निधन हो गया। उन्हें पुनर्स्थापना युग के महानतम लेखकों में से एक के रूप में याद किया जाता है। उनके नाटकों का मंचन और अध्ययन आज भी जारी है। शिष्टाचार की हास्य शैली पर उनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है।

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