Things Fall Apart by Chinua Achebe: The Complete Story (चिनुआ अचेबे के प्रसिद्ध उपन्यास 'थिंग्स फॉल अपार्ट' की संपूर्ण कहानी)
Things Fall Apart by Chinua Achebe: The Complete Story
(चिनुआ अचेबे के प्रसिद्ध उपन्यास 'थिंग्स फॉल अपार्ट' (Things Fall Apart) की संपूर्ण कहानी)
(चिनुआ अचेबे के प्रसिद्ध उपन्यास 'थिंग्स फॉल अपार्ट' (Things Fall Apart) की संपूर्ण कहानी)
भाग 1: ओकोंक्वो की दुनिया और उसका उत्थान
ओकोंक्वो अत्यधिक कर्मठ और अत्यंत अभिमानी व्यक्ति है। वह नाइजीरिया में नाइन विलेजेस (नौ गांवों) के एक शक्तिशाली समूह 'उमुओफिया' (Umuofia) में रहता है, जहाँ इग्बो (Igbo) जनजाति के लोग निवास करते हैं। ओकोंक्वो का पूरा जीवन सिर्फ एक बड़े डर से संचालित होता है: असफलता और कमजोरी का डर। उसके पिता, उनोका, एक आलसी और सीधे-सादे संगीतकार थे, जो कर्ज में डूबे हुए मरे थे और समाज में उनका कोई सम्मान नहीं था। अपने पिता की इस शर्म को धोने के लिए ओकोंक्वो दिन-रात मेहनत करता है। वह एक प्रसिद्ध कुश्ती चैंपियन, रतालू (yams - फसलों का राजा) का एक समृद्ध किसान और एक बहादुर योद्धा बनता है जो युद्धों से दुश्मनों के कटे हुए सिर घर लाता है। उसके पास तीन पत्नियां और एक बड़ा घर है, जो उसे अपने कबीले के सबसे सम्मानित लोगों में से एक बनाता है।
हालांकि, अपने इसी डर के कारण ओकोंक्वो अपने घर में बहुत क्रूर बन जाता है। वह अपने परिवार पर कठोरता से शासन करता है और शायद ही कभी कोई स्नेह दिखाता है, क्योंकि उसका मानना है कि भावनाएं दिखाना कमजोरी की निशानी है। उसका सबसे बड़ा बेटा, न्वोये, एक संवेदनशील बारह साल का लड़का है। ओकोंक्वो न्वोये को लगातार पीटता और डांटता रहता है क्योंकि उसे डर है कि उसका बेटा भी उनोका की तरह आलसी न हो जाए।
भाग 2: इकेमेफुना की त्रासदी और ओकोंक्वो का निर्वासन
एक दिन, एक पड़ोसी गांव के लोग उमुओफिया की एक बेटी की हत्या कर देते हैं। एक खूनी युद्ध से बचने के लिए, पड़ोसी गांव हर्जाने के रूप में एक युवा कुंवारी लड़की और पंद्रह साल के लड़के 'इकेमेफुना' (Ikemefuna) को सौंपता है। कुंवारी लड़की को उस व्यक्ति को दे दिया जाता है जिसकी पत्नी मारी गई थी, जबकि इकेमेफुना को तब तक ओकोंक्वो के घर में रहने के लिए भेज दिया जाता है जब तक कि कबीला उसकी नियति का फैसला नहीं कर लेता।
अगले तीन वर्षों में, इकेमेफुना उस परिवार का एक प्रिय सदस्य बन जाता है। वह बहुत जीवंत है, उसे अद्भुत कहानियां याद हैं, और वह न्वोये को पुरुषों वाले काम सिखाता है। यहाँ तक कि ओकोंक्वो भी मन ही मन इकेमेफुना को बहुत चाहने लगता है, हालाँकि वह इसे कभी खुलकर नहीं दिखाता। न्वोये इकेमेफुना को बड़े भाई के रूप में देखता है, और उसके प्रभाव में आकर न्वोये अपने सख्त पिता को खुश करने वाले काम करने लगता है।
1. इकेमेफुना की बलि: निर्णायक मोड़
गाँव के बुजुर्ग और देववाणी (Oracle) यह घोषणा करते हैं कि देवताओं को प्रसन्न करने के लिए इकेमेफुना की बलि दी जानी चाहिए। एक बुद्धिमान बुजुर्ग, ओगबुएफी एज़ेउडू, ओकोंक्वो को चेतावनी देते हुए कहते हैं, "वह लड़का तुम्हें पिता कहता है। उसकी मौत में अपना हाथ मत लगाना।" लेकिन, जब बुजुर्ग इकेमेफुना को मारने के लिए जंगल में ले जाते हैं, तो वह लड़का मदद के लिए चिल्लाता हुआ ओकोंक्वो की तरफ भागता है। अपने साथियों के सामने कमजोर दिखने के डर से, ओकोंक्वो अपनी तलवार निकालता है और खुद ही उस लड़के पर आखिरी वार कर देता है।
2. टूटा हुआ घर: पारिवारिक बिखराव
जब ओकोंक्वो घर लौटता है, तो वह अपराधबोध से टूट जाता है और कई दिनों तक कुछ नहीं खा पाता। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस घटना ने उसके बेटे न्वोये के भीतर कुछ हमेशा के लिए तोड़ दिया। जब न्वोये को पता चलता है कि इकेमेफुना मर चुका है, तो उसके दिल में एक गहरा और ठंडा दुख बैठ जाता है, जिससे वह अपने कबीले की इन क्रूर परंपराओं पर सवाल उठाने लगता है।
3. दुर्घटनावश हत्या: धरती के खिलाफ अपराध
कुछ समय बाद, बुद्धिमान बुजुर्ग एज़ेउडू की मृत्यु हो जाती है। उनके भव्य और पारंपरिक अंतिम संस्कार के दौरान, जहाँ ढोल बजाए जा रहे थे और बंदूकों से हवाई फायरिंग हो रही थी, ओकोंक्वो की पुरानी बंदूक अचानक फट जाती है। लोहे का एक टुकड़ा सीधे एज़ेउडू के सोलह वर्षीय बेटे के दिल में जा लगता है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है। यह एक दुर्घटना थी, लेकिन कबीले के किसी व्यक्ति को मारना धरती माता के खिलाफ एक "स्त्री" (अनजाने में किया गया) अपराध माना जाता था।
4. सात वर्ष का निर्वासन: घर का नुकसान
धरती को खून के इस पाप से मुक्त करने के लिए, कबीले का कानून यह मांग करता है कि ओकोंक्वो के घर को जला दिया जाए और उसके जानवरों को मार दिया जाए। ओकोंक्वो और उसके परिवार को सात लंबे वर्षों के लिए उमुओफिया से निकाल दिया जाता है। अत्यंत कड़वाहट से भरा ओकोंक्वो अपना सामान समेटता है और अपनी पत्नियों तथा बच्चों को लेकर अपनी माँ के मायके 'मबांटा' (Mbanta) गाँव चला जाता है। उसके मामा उसका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और उसे नए सिरे से शुरुआत करने के लिए जमीन देते हैं।
भाग 3: श्वेत लोगों का आगमन और कबीले का पतन
जब ओकोंक्वो मबांटा में अपना निर्वासन काट रहा होता है, तब बाहर की दुनिया तेजी से बदलने लगती है। श्वेत ईसाई मिशनरी (White Christian missionaries) उस क्षेत्र में आते हैं। वे हथियारों से शुरुआत नहीं करते; बल्कि वे एक चर्च और एक स्कूल बनाते हैं। वे एक दयालु ईश्वर के बारे में प्रचार करते हैं और ग्रामीणों को बताते हैं कि उनकी पारंपरिक लकड़ी की मूर्तियां झूठी हैं।
शुरुआत में, कबीले के बुजुर्ग मिशनरियों पर हंसते हैं। वे उन्हें 'ईविल फॉरेस्ट' (Evil Forest - एक शापित जंगल जहाँ भयानक बीमारियों से मरने वाले लोगों को फेंक दिया जाता था) में जमीन दे देते हैं। उन्हें उम्मीद थी कि देवता इन श्वेत लोगों को जीवित नहीं छोड़ेंगे। लेकिन जब मिशनरी वहाँ सुरक्षित रहते हैं और फलते-फूलते हैं, तो ग्रामीण हैरान रह जाते हैं। चर्च में लोग शामिल होने लगते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चर्च गाँव के अछूतों (Osu) और उन माताओं का स्वागत करता है जिन्हें पुरानी परंपराओं के कारण अपने जुड़वां बच्चों को जंगल में मरने के लिए छोड़ना पड़ा था।
न्वोये, जो इकेमेफुना की मौत से पहले ही आहत था, इस नए धर्म के शांतिपूर्ण भजनों की ओर आकर्षित होता है और ईसाइयों के साथ जुड़ने का फैसला करता है। जब ओकोंक्वो को यह पता चलता है, तो वह गुस्से से पागल हो जाता है और न्वोये का गला घोंटने की कोशिश करता है। न्वोये अपने पिता का घर हमेशा के लिए छोड़कर एक दूर के शहर में मिशनरी स्कूल चला जाता है। ओकोंक्वो अपने बेटे को कुल-कलंक मानकर उससे सारे रिश्ते तोड़ लेता है।
भाग 4: कड़वी वापसी और दुखद अंत
सात साल बाद ओकोंक्वो का निर्वासन समाप्त होता है और वह अपने परिवार के साथ उमुओफिया लौट आता है। उसे एक भव्य स्वागत की उम्मीद थी, लेकिन वह अपने प्यारे गाँव को पूरी तरह बदला हुआ पाता है। श्वेत लोगों ने न केवल एक चर्च बनाया था, बल्कि एक ब्रिटिश सरकारी कार्यालय, एक अदालत प्रणाली और देशी संदेशवाहकों (जिन्हें "कोटमा" कहा जाता था) को भी तैनात कर दिया था। ताड़ के तेल (palm oil) के व्यापार से गाँव में पैसा आ रहा था और कई सम्मानित बुजुर्ग भी इस नई व्यवस्था में शामिल हो चुके थे।
श्वेत मिशनरियों के पहले नेता, मिस्टर ब्राउन, एक दयालु और धैर्यवान व्यक्ति थे। वे कट्टर ईसाई धर्मान्तरित लोगों को रोकते थे और इग्बो संस्कृति को समझने का प्रयास करते थे, जिससे कबीले के लोग उनका सम्मान करते थे। लेकिन, मिस्टर ब्राउन बीमार पड़ जाते हैं और उनकी जगह सख्त तथा असहिष्णु रेवरेंड जेम्स स्मिथ आते हैं। रेवरेंड स्मिथ पूरी दुनिया को केवल काले और सफेद के चश्मे से देखते थे और वे नए ईसाइयों को पारंपरिक रीति-रिवाजों पर सीधे हमला करने के लिए उकसाते थे। परिणाम स्वरुप इनोक नाम के एक कट्टर ईसाई ने एक सार्वजनिक उत्सव के दौरान एग्वुगवु (एक नकाबपोश ग्रामीण बुजुर्ग जो पूर्वजों की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता था) का मुखौटा खींच दिया। इससे एग्वुगवु का अपमान हो गया। इसे कबीले के पूर्वजों की आध्यात्मिक हत्या के समान माना गया। इसके बदले में, गुस्से से भरे एग्वुगवु चर्च की ओर बढ़े और उसे जलाकर राख कर दिया। तत्पश्चात श्वेत जिला कमिश्नर ने ओकोंक्वो सहित गाँव के छह नेताओं को शांतिपूर्ण बातचीत के लिए आमंत्रित किया। जिला कमिश्नर ने चालाकी से उन नेताओं को बंदी बना लिया और रिहाई के बदले 250 कौड़ियों का भारी जुर्माना मांगा। जेल के पहरेदारों ने उन सम्मानित बुजुर्गों के सिर मूंड दिए, उन्हें भूखा रखा और तीन दिनों तक बेरहमी से पीटा। जुर्माना चुकाया जाता है और बुजुर्गों को छोड़ दिया जाता है। ओकोंक्वो के भीतर बदले की एक भयानक आग सुलग रही है। उसकी पीठ पर कोड़ों के निशान हैं और उसका स्वाभिमान बुरी तरह घायल हो चुका है।
अगली सुबह, उमुओफिया के लोग बाजार में एक बहुत बड़ी युद्ध सभा का आयोजन करते हैं। हवा में भारी तनाव है। जैसे ही एक बुजुर्ग श्वेत लोगों को गाँव से बाहर निकालने के बारे में बोलना शुरू करता है, पाँच श्वेत सरकारी संदेशवाहक सभा को रोकने के लिए भीड़ में घुस आते हैं।
ओकोंक्वो अपने शरीर को गुस्से से कांपते हुए आगे बढ़ाता है। मुख्य संदेशवाहक भीड़ को तुरंत बिखर जाने का आदेश देता है। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ओकोंक्वो अपनी तेज धार वाली तलवार निकालता है और दो ही वार में संदेशवाहक का सिर धड़ से अलग कर देता है।
पूरी भीड़ स्तब्ध रह जाती है और वहां एक भयानक सन्नाटा छा जाता है। ओकोंक्वो अपनी खून से सनी तलवार को घास पर पोंछता है। वह अपने लोगों की ओर देखता है और महसूस करता है कि वे बाकी संदेशवाहकों को आसानी से भाग जाने दे रहे हैं। डर और निराशा के उस शांत क्षण में, ओकोंक्वो समझ जाता है कि उमुओफिया अब कभी युद्ध नहीं लड़ेगा। उनका आत्मबल टूट चुका है, और उसकी दुनिया बिखर चुकी है।
सूने पेड़ की दास्तान
अगले दिन, जिला कमिश्नर ओकोंक्वो को गिरफ्तार करने के लिए एक सशस्त्र गार्ड के साथ उसके घर पहुंचता है। ओकोंक्वो का वफादार दोस्त, ओबिएरिका, श्वेत लोगों को घर के पीछे एक छोटी सी झाड़ी की तरफ ले जाता है। वहां, एक ऊंचे पेड़ से ओकोंक्वो का मृत शरीर लटक रहा है।
चूंकि इग्बो संस्कृति में आत्महत्या को धरती माता के खिलाफ एक महापाप माना जाता है, इसलिए ओकोंक्वो का शरीर अब शापित हो चुका है। उसके अपने दोस्त भी उसे छू या दफना नहीं सकते; केवल बाहरी अजनबी ही उसे हाथ लगा सकते हैं। ओबिएरिका लटकती हुई लाश को देखता है और गहरे दुख में कमिश्नर पर चिल्लाता है: "वह व्यक्ति उमुओफिया के सबसे महान पुरुषों में से एक था। तुमने उसे खुदकुशी करने पर मजबूर कर दिया, और अब उसे एक कुत्ते की तरह दफनाया जाएगा।" यह कहानी श्वेत कमिश्नर की ठंडी और क्रूर सोच के साथ समाप्त होती है। वह सोचता है कि ओकोंक्वो की मौत उसकी नई किताब के लिए एक दिलचस्प किस्सा बनेगी, जिसका शीर्षक है - 'द पैसिफिकेशन ऑफ द प्रिमिटिव ट्राइब्स ऑफ द लोअर नाइजर' (The Pacification of the Primitive Tribes of the Lower Niger)। वह तय करता है कि ओकोंक्वो का दुखद जीवन पूरी किताब में एक अध्याय के लायक भी नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक छोटा सा पैराग्राफ ही काफी है।